Remarque : Ce message a été écrit par un guerrier WazirX dans le cadre du « programme WazirX Warrior ».
जब , पोस्ट ऑफिस या ऑनलाइन से धनराशि तो उसे रेमिटेंस कहते हैं। के लिए गल्फ देशों में काम कर रहे भारतीय लोग या अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित और बड़े देशों में सॉफ्टवेर डेवेलपर,डॉक्टर, इंजीनियर या कोई और नौकरी कर रहे प्रवासी भारतीय जब भारत में अपने माता-पिता या परिवार को धनराशि भेजते हैं तो उसे रेमिटेंस कहते हैं। बात करे विश्व ऐसा देश पर सबसे अधिक रेमिटेंस धनराशि आती है,इसके बाद चीन का
अगर नीचे दिए में देखें तो 2016 भारत में रेमिटेंस का इस्तेमाल करके कुल 62 बिलियन डॉलर भेजा गया है, 2017 में कर 69 बिलियन डॉलर , 2018 में 78 बिलियन डॉलर , 2019 में 84 बिलियन डॉलर हो गया था। 2020 कोरोना के कारण इसमें थोड़ी गिरावट जरूर गयी थी भी यह 83 बिलियन डॉलर से अधिक था (आंकड़े विकिपीडिया से हैं )।
रेमिटेंस करने भारत ने पड़ोसी देश चीन को भी दिया समय था, जब सबसे ज्यादा रेमिटेंस में ही आता था। 2017 चीन को रेमिटेंस से 64 अरब डॉलर, फिलीपींस को 33 अरब डॉलर, मैक्सिको को 31 अरब डॉलर, नाइजीरिया को 22 अरब डॉलर और मिस्र को 20 अरब डॉलर प्राप्त हुए। मिलाकर पूरी दुनिया में 613 डॉलर राशि का रेमिटेंस के रूप में आदान-प्रदान हुआ। पता चलता आदान-प्रदान वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों है।
रेमिटेंस
रेमिटेंस मजबूत करता पर यह रेमिटेंस को कई में सबसे बड़ी समस्या है भेजने लगने वाली लागत !विश्व बैंक के अनुसार लगभग 200 डॉलर भेजने पर 7.1 प्रतिशत लागत आती है। बहुत है और यही सबसे ज्यादा बड़ी समस्या भी है।
दूसरी है समय। बैंक से दूसरे बैंक में रेमिटेंस के द्वारा पैसे भेजने में 2 से 5 का समय लग जाता है। बीच बैंक कोई शनिवार और में आ यह समय बढ़
क्रिप्टो जिसे अपना के क्षेत्र लाया सकता के लिए किया जा सही नहीं है ! अगर हम सही तरीके से समझे तो हम पाएंगे कि क्रिप्टो से न केवल रेमिटेंस कि इन दोनों समस्याओं का समाधान निकल सकता है बल्कि यह रेमिटेंस प्राप्त पर फायदेमंद है।
क्रिप्टो USDT,BUSD अन्य। क्रिप्टो कि कीमत में कभी भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आता बल्कि विदेश से अगर कोई USDT ले कर भारत में भेजे तो उसे इसका पैसा जायदा मिलेगा। हम बाकि क्रिप्टो जैसे बिटकॉइन या ईथर कि बात भी करें तो इस से भी रेमिटेंस कि रकम भेजने पर कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि क्रिप्टो पैसा भेजने में मात्र कुछ सेकेंड का ही समय लगता है और क्रिप्टो प्राप्त करने वाला इसे बदल भारतीय रुपए है। से रेमिटेंस भेजने पर जहां पर समय बहुत ही कम लगेगा वहीं पर यह बहुत ही ज्यादा भी रहेगा। कितनी ही को एक जगह दूसरी जगह भेज
यहाँ है इस का रिकॉर्ड इसकी जानकारी कोई बड़ी समस्या नहीं है, एक्सचेंज पर आज सभी उपभोक्ताओं कि सम्पूर्ण जानकारी रहती है और सभी लेनदेन के रिकार्ड्स भी। इसके लिए रुपरेखा तैयार करे और इसके कोई समीति बनाए जो इस सारे लेनदेन के रिकॉर्ड रखे तो भी सुलझ सकती जैसी संस्था के अंतर्गत इस बारे में नियम व कानून बना कर रेमिटेंस के लिए क्रिप्टो के इस्तेमाल पर कर सकती है। प्रावधानों अनुसार क्रिप्टो को सुरक्षित बनाया जा सकता है। है।
भारत वित्य ऑफ़ इंडिया अपने CBDC भी काम कर रहा है, यह भी रेमिटेंस के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है।भारत में -रूपी कि शुरुआत भी कि जा चुकी है और इसके कारण और इसके इतेमाल को समझना शुरू करेंगे।हम उम्मीद कर सकते हैं कि जल्द ही हम रेमिटेंस कि दुनिया में क्रिप्टो का इस्तेमाल होते हुए देख पाएंगे। नेट के द्वारा यह काम कई देशों में हो भी रहा है लेकिन इसका इस्तेमाल और बड़े स्तर पर किया जाए तो रेमिटेंस का इस्तेमाल करने वालों को कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। में विचार कर, काम करना है क्योंकि बीच आर्थिक एक मुख्य रिजर्व भी।
Le message रेमिटेंस की कई समस्याओं का है क्रिप्टो से (Crypto Can Solve Remittance Problems) est apparu en premier sur le blog WazirX.
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